मुख्यमंत्री साय ने कहा निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण से मिलती है सफलता

रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज युवा महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर साइंस कॉलेज स्थित दीनदयाल ऑडिटोरियम में युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सब देश और प्रदेश के भविष्य हैं।

एक सपना लेकर कि आप किस रूप में देश और प्रदेश की सेवा करना चाहते है, उसको हासिल करने के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से पढ़ाई करें। छत्तीसगढ़ राज्य में तकनीकी, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट से संबंधित उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान हैं।

प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी के लिए रायपुर में नालंदा परिसर युवाओं के चौबीसों घण्टे खुला है।

नालंदा परिसर की तर्ज पर राज्य के अन्य जिलों में भी हाईटेक लायब्रेरी की स्थापना हम कर रहे है, जहां ऑनलाईन-ऑफलाईन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मटेरियल उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने बस्तर अंचल के युवाओं को देश और प्रदेश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आयोजित बस्तर ओलंपिक की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस आयोजन की सराहना की है।

उन्होंने युवाओं को स्वामी विवेकानंद की जयंती की बधाई देते हुए कहा कि 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने सनातन धर्म के आदर्श, अध्यात्म और दर्शन पर अपने व्याख्यान से पूरी दुनिया को भारत का कायल बना दिया।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने संवाद की शुरूआत में अंबिकापुर की अपूर्वा दीक्षित के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती है कि मन विचलित हो जाता है, परंतु हमें अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अडिग रहना होता है।

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उन्होंने इस सिलसिले में स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़ी एक छोटी सी कहानी सुनाई और कहा कि स्वामी विवेकानंद बनारस में एक सन्यासी के साथ जा रहे थे, उसी समय बहुत सारे बंदरों ने स्वामी जी को घेर लिया, ऐसी स्थिति में स्वामी जी न तो डरे न ही अपनी जगह से डिगे।

इसका परिणाम ये हुआ कि सारे बंदर भाग गए। उन्होंने युवाओं को आह्वान किया कि हमें भी अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अडिग रहना है। दृढ़संकल्प से सारी समस्याओं का समाधान निकलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायगढ़ के ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी की छात्रा श्रुति के सवालों के जवाब में कहा कि हमें सफलता के लिए अपना एक क्षेत्र चुनकर पूरी दृढ़ता और मनोयोग के साथ प्रयास करने से सफलता मिलती है।

बस्तर में शांति और विकास के संबंध में राजकुमार कुरेटी के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के नक्सल प्रभावित पांच जिलों में सुरक्षा और विकास को लेकर सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

इन जिलों में 39 सुरक्षा कैम्प की स्थापना और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से लोगों को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प है। जिस प्रतिबद्धता और रणनीति के साथ नक्सलवाद के समूल खात्मे के लिए हमारी सरकार काम कर रही है, उससे हमें लगता है कि हम इस लक्ष्य को निर्धारित समयवधि से पहले ही प्राप्त कर लेंगे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति और विकास की स्थापना के लिए वहां के लोग भी बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे है। बस्तर ओलंपिक के आयोजन में लाखों युवाओं की भागीदारी इस बात को प्रमाणित करती है।

बलौदाबाजार की छात्रा मृणाल वाजपेयी द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय से उनके मुख्यमंत्री बनने तक के सफर के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जशपुर के एक छोटे से गांव बगिया के रहने वाले है। आज उनके गांव की आबादी लगभग ढाई हजार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह 10 साल के थे, तभी पिताजी का साया उनके सर से उठ गया। परिवार की पूरी जिम्मेदारी माता जी के ऊपर आ गयी। माता जी निडर महिला है बड़े धैर्य और निडरता से जिम्मेदारी सम्हाली। हमारे पालन-पोषण, पढ़ाई के साथ-साथ खेती-बाड़ी और घर का काम उन्होंने सम्हाला। माता जी को हमने अपना रोल मॉडल माना।

बड़ा होने के नाते घर की जिम्मेदारी हमने अपने ऊपर ली। जिस समय पिता जी का स्वर्गवास हुआ उस समय मेरा छोटा भाई मात्र दो माह का था। छोटे भाईयों को पढ़ाया, लिखाया। हमने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरूआत पंच से की।

पांच साल पंच रहे। गांव के लोगों ने हमारे अच्छे काम और ईमानदारी को देखकर हमें निर्विरोध सरपंच चुना। छह माह बाद ही विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिली और 1990 में तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक बना।

मुख्यमंत्री ने फिर अपने सांसद बनने, पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्री मंडल में राज्य मंत्री और मुख्यमंत्री बनने तक के सफर का उल्लेख किया और कहा कि उन्हें जब भी कोई जिम्मेदारी दी गई, उन्होंने उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी उनके रोल मॉडल रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ काम करने के अवसर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जिस तरीके से निर्णायक फैसले लिए है, वे मेरे ही नहीं, नई पीढ़ी के भी रोल मॉडल हैं।

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Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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